तोरिया की उन्नत खेती कैसे करे। Toriya Ki Unnat Kheti

तोरिया की उन्नत खेती कैसे करे। Toriya Ki Unnat Kheti 

Toriya Ki Unnat Kheti – नमस्कार प्यारे किसान भाई आज की पोस्ट में हम बात करेंगे Toriya Ki Kheti Kaise Kare और Toriya Ki Kheti Ki Jankari पर इसके साथ ही अन्य जानकारी शेयर करेंगे। 
Toriya Ki Unnat Kheti 
तोरिया खरीफ एवं रबी के बीच शीघ्र प्राप्त होने वाली तिलहनी फसलो में आती हैI इसकी खेती सीमित सिंचाई की दशा में अधिक लाभदायक होती हैI उन्नत विधिया अपनाने पर उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि की जा सकती है। 

जलवायु और भूमि

तोरिया की खेती के लिए किस प्रकार की जलवायु एवं भूमि की आवश्यकता होती है ?
तोरिया की फसल के लिए 25 डिग्री सेंटीग्रेट से 30 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान की आवश्यकता होती है। तोरिया की फसल के लिए दोमट भूमि सर्वोत्तम होती है जिसमे जल निकास का उचित प्रबंध होना चाहिए। 

प्रजातियाँ

उन प्रमुख प्रजातियों के बारे में जानकारी हो जाए जो तोरिया की फसल बोते समय हमें प्रयोग करनी है ?
तोरिया की फसल के लिए उन्नतशील प्रजातियों का चयन करना चाहिए जैसे की टाइप 9, भवानी, पी.टी.303 तथा पी.टी.30 की बुवाई समय पर करनी चाहिए।

खेत की तैयारी

तोरिया की खेती के लिए खेतों की तैयारी किस प्रकार से करे ?
तोरिया की फसल की बुवाई से पहले खेत की तैयारी में सबसे पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से तथा दो-तीन जुताइयां देशी हल या कल्टीवेटर से करके पाटा लगाकर मिट्टी को भुरभुरा बना लेना चाहिए। 

बीज बुवाई

बीजोपचार कब करे और किस प्रकार करे ?

तोरिया की फसल को बीज जनित रोगो से बचाव के लिए बीज को 2.5 ग्राम थीरम नामक रसायन से प्रति किलोग्राम अथवा 3 ग्राम मेन्कोजेब नामक रसायन को प्रति किलोग्राम बीज में मिलाकर बीज उपचारित करने के बाद ही बीज की बुवाई करनी चाहिए।
तोरिया की बुवाई के लिए प्रति हेक्टेयर कितने बीज की आवश्यकता होती है ?
तोरिया की फसल के लिए बीज की मात्रा 4 से 5 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से बुवाई करने के लिए उपयुक्त होती है।
तोरिया की बुवाई कब करे और किस प्रकार से करे ?
किसान भाइयो तोरिया की बुवाई सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह से सितम्बर माह के चौथे सप्ताह तक कर देना चाहिए फसल की बुवाई देशी हल से 30 सेंटीमीटर की दूरी पर 3 से 4 सेंटीमीटर की गहराई पर कतारों में करने के पश्चात पाटा लगाकर बीज को ढक देना चाहिए।

पोषण प्रबंधन

तोरिया की खेती में उर्वरको का प्रयोग हम किस प्रकार करे ?
तोरिया फसल की असिंचित दशा में बुवाई करने पर नाइट्रोजन 50 किलोग्राम, फास्फोरस 30 किलोग्राम तथा पोटाश 30 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करना चाहिए एवं सिंचित दशा में नाइट्रोजन 80 किलोग्राम, फास्फोरस 50 किलोग्राम तथा पोटाश 50 किलोग्राम तत्व के रूप में प्रयोग करना चाहिए। फास्फोरस एवं पोटाश की पूरी मात्रा एवं नत्रजन की आधी मात्रा अंतिम जुताई के समय बीज से 2 – 3 सेंटीमीटर नीचे प्रयोग करे तथा शेष आधी नाइट्रोजन की मात्रा को बुवाई के 20 से 25 दिन बाद टापड्रेसिंग के रूप में देना चाहिए।

जल प्रबंधन

तोरिया की फसल में सिंचाई कब करनी चाहिए ?
तोरिया की फसल में फूल निकलने से पूर्व की अवस्था जल की कमी के प्रति विशेष संवेदनशील फसल है अतः फसल की अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए फूल निकलने से पूर्व एक सिंचाई करना अति आवश्यक है। 

खरपतवार प्रबंधन

तोरिया की फसल में खरपतवारों का नियंत्रण हमारे किसान भाई किस प्रकार से करे ?
किसान भाइयो तोरिया की बुवाई के 15 दिन बाद घने पौधों को निकालकर पौधों की आपस की दूरी 10 से 15 सेंटीमीटर कर देना चाहिए तथा खरपतवार नष्ट करने के लिए निराई गुड़ाई कर देना चाहिएI यदि खरपतवार अधिक है तो पेंडामेथलीन 30 ई.सी. नामक रसायन की 3.3 लीटर मात्रा को 800 से 1000 लीटर पानी में घोलकर बुवाई के 12 से 36 घंटे के अंदर जमाव के पहले छिड़काव करना चाहिए। 

रोग प्रबंधन

तोरिया की फसल में कौन कौन से प्रमुख रोग लगाने की सम्भावना होती है और उनका नियंत्रण हमारे किसान भाई किस प्रकार करे ?
तोरिया की फसल में झुलसा रोग का प्रकोप होने पर पत्तियो तथा फलियों पर कत्थई रंग के धब्बे बनाते है इनके उपचार के लिए मेन्कोजेब 75 % की 2 किलोग्राम मात्रा अथवा कापर आक्सीक्लोराइड 80% की 3 किलोग्राम मात्रा को प्रति हेक्टेयर की दर से 800 से 1000 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए तथा फसल में सफ़ेद गेरुई रोग एवं तुलसिता रोग के नियंत्रण के लिए रोडोमिल एम्.जेड. 72 की 2.5 किलोग्राम मात्रा को प्रति हेक्टेयर की दर से 800 से 1000 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। 

कीट प्रबंधन

तोरिया की फसल में कौन-कौन से प्रमुख कीट लगते है और उनके नियंत्रण के लिए हमारे किसान भाई क्या करे?
किसान भाइयो तोरिया की फसल के प्रमुख कीट जैसे सरसों की आरा मक्खी, चित्रिल कीट तथा बालदार सूंडी प्रमुख कीट है जो तोरिया की फसल को हानि पहुचते है फसल को इन कीटो से बचाव के लिए मैलाथियान 50 ई.सी. रसायन की 1.5 लीटर मात्रा या फैंटोथियान 50 ई.सी. रसायन की 1 लीटर मात्रा या डायमिथोयेट 30 ई.सी.की 1 लीटर मात्रा को 700 से 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करना चाहिए।
शायद आप को ये जानकारी भी पढ़ना चाहिए –

फसल कटाई

तोरिया की फसल की कटाई हमारे किसान भाई कब करे और उसके जो बीजों का भण्डारण है वह किस प्रकार सुरक्षित करे ?
तोरिया की फसल में जब 75 % फलियां सुनहरे रंग की हो जाये तो फसल की कटाई करके सुखाने के पश्चात मड़ाई करके बीज को अलग कर लेना चाहिए तथा बीज को अच्छी तरह सुखाकर ही भण्डारण करना चाहिए।

पैदावार

तोरिया की फसल से प्रति हेक्टेयर कितनी उपज प्राप्त होने की सम्भावना होती है?

Toriya Ki Unnat Kheti 

तकनीकी तरीके से उगाई गयी तोरिया की फसल से उपज 10 से 15 कुंतल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त की जा सकती है।

दोस्तों आशा करता हु आप को दी गई जानकारी से कुछ नया जानने को मिला है तोरिया की खेती से जुड़ा अन्य कोई सवाल है तो आप हमे कमेंट करे हम जल्द ही जवाब देंगे। 

भारत का नंबर 1 कृषि पोर्टल जहा पर सभी जानकारी एक क्लिक पर आप की पसंद हमारी मेहनत खेती बिज़नेस 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *